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Jain Yog Ke Varnmala

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जैन योग में राजयोग, हठयोग आदि सबका समावेश है। योग से व्रत की चेतना जाग्रत होती है अथवा व्रत की चेतना जाग्रत होने पर ध्यान शक्ति का विकास होता है। प्रस्तुत पुस्तक में व्रत, स्वाध्याय, ध्यान, अनुप्रेक्षा आदि का समग्र तत्वों का समावेश है।
Language title : जैन योग की वर्णमाला
Author :
Category : Books
Sub Category : Yog
Sect :
Language : Hindi
No. of Pages : 392
Keywords : a

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