Books · Bhakti Others
कबीर के दोहे
Kabir Ke Dohe
Kabir Das
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सन्त कबीर कवि और समाज सुधारक थे। कबीर शब्द का अर्थ अरबी भाषा में महान होता है। कबीरदास भारत के भक्ति काव्य परंपरा के महानतम कवियों में से एक थे। भारत में धर्म, भाषा या संस्कृति किसी की भी चर्चा बिना कबीर की चर्चा के अधूरी ही रहेगी। संत कबीर का जन्म काशी में लहरतारा के पास सन् १३९८ में ज्येष्ठ पूर्णिमा को हुआ। जुलाहा परिवार में पालन पोषण हुआ तथा संत रामानंद के शिष्य बने। कबीर किसी भी सम्प्रदाय और रूढ़ियों की परवाह किये बिना खरी बात कहते थे। कबीर ने हिंदू-मुसलमान सभी समाज में व्याप्त रूढ़िवाद तथा कट्टरपंथ का खुलकर विरोध किया। कबीर की वाणी उनके मुखर उपदेश उनकी साखी, रमैनी, बीजक, बावन-अक्षरी, उलटबासी में देखें जा सकते हैं। गुरु ग्रंथ साहब में उनके २०० पद और २५० साखियां हैं। Read more
Details
- Author
- Kabir Das
- Publisher
- —
- Type
- Books
- Language
- Hindi
- Religion
- —
- Tradition
- —
- Subjects
- Bhakti Others
- Series
- —
- Published
- 2020
- Pages
- 36
- Size
- 8.5 x 11 in
- Format
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