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आत्मबोध
आत्मबोध
Dada Bhagwan
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प्रस्तुत संकलन में प्रकट प्रत्यक्ष ज्ञानी के स्वमुख से प्रवाहित आत्मतत्व, और अन्य तत्वों सम्बन्धी वास्तविक दर्शन खुला होता है| आत्मा के अस्तित्व की आशंका से लेकर, आत्मा क्या होगा, कैसा होगा, क्या करता होगा, जन्म मरण क्या है, किसके जन्म मरण, कर्म क्या है, चार गतियाँ क्या है, उसकी प्राप्ति के रहस्य, मोक्ष क्या है, सिद्धगति क्या है, जैसे अनेकों प्रश्नों के समाधान यहाँ पर हैं| जीव क्या है? शिव क्या है? द्वैत, अद्वैत, ब्रह्म, परब्रह्म, आत्मा की सर्वव्यापकता, कण कण में भगवान्, वेद और विज्ञानं वगैरह अनेक वेदान्त के रहस्य यहाँ पर अनावृत हुए हैं| तमाम शास्त्रों का, साधकों का, साधनाओ का सार एक ही है कि खुद के आत्मा का भान करना, ज्ञान प्राप्त कर लेना है| ‘मूल आत्मा’, तो शुद्ध ही है मात्र ‘खुद’ को रोंग बिलीफ बैठ गई है, प्रकट ‘ज्ञानीपुरुष’ के पास यह मान्यता छूट जाती है| जो कोटि जन्मों तक नहीं हो पाता, वह ‘ज्ञानी’ के पास से प्राप्त हो सकता है| विश्व में कभी कभार आत्मज्ञानी पुरूष अवतरित होते हैं, तभी यह आध्यात्मिक रहस्य खुल्ला हो पाता है| संसार में जो भी ज्ञान है, वह भौतिक ज्ञान है| उससे आत्म साक्षात्कार कभी नहीं हो सकता| ज्ञानीपुरुष को आत्मा का अनुभव होने से आत्म साक्षात्कार की प्राप्ति हो सकती है| प्रस्तुत संकलन में संपूज्य श्री दादाश्री ने खुद के ज्ञान में ‘जैसा है वैसा’ आत्मा का स्वरुप और जगत का स्वरुप देखा है, जाना है, अनुभव किया है, उस सम्बन्ध में उनके ही श्रीमुख से निकली हुई वाणी का यहाँ पर संकलन किया गया है, जो अध्यात्म मार्ग में पदापर्ण करनेवालों को आत्मसमुख होने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी| Read more
Details
- Author
- Dada Bhagwan
- Publisher
- —
- Type
- Books
- Language
- Hindi
- Religion
- —
- Tradition
- Dada Bhagwan
- Subjects
- —
- Series
- —
- Published
- 2020
- Pages
- 81
- Size
- 5.22 x 8.26 in
- Format
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